सोयाबीन फसल में स्लग का प्रकोप: पहचान और प्रभावी नियंत्रण उपाय

सोयाबीन फसल को स्लग से बचाने के प्रभावी तरीके और किसानों के लिए जरूरी सुझाव

सोयाबीन फसल में स्लग का प्रकोप: सोयाबीन किसानों के लिए यह सीजन चुनौतियों से भरा हो सकता है क्योंकि कई क्षेत्रों में स्लग (slugs/स्लग) का प्रकोप बढ़ रहा है। स्लग पौधों की पत्तियों को खाकर उन्हें कमजोर कर देते हैं, जिससे पैदावार पर सीधा असर पड़ता है। इस स्थिति से निपटने के लिए किसानों को खेत की समय-समय पर निगरानी और समय पर नियंत्रण उपाय अपनाना बहुत जरूरी है।

स्लग से बचाव के लिए प्राकृतिक व आसान तरीके

स्लग नियंत्रण के लिए किसानों को कुछ घरेलू और आसान उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है।

  • गुड़ और मेटालडिहाइड 2.5% पेलेट का मिश्रण तैयार करें।

  • जूट के बोरे को इस घोल में भिगोकर रात में खेत में रखें।

  • सुबह निरीक्षण करने पर स्लग आसानी से दिख जाएंगे, जिन्हें नष्ट किया जा सकता है।

  • इसके अलावा, खेत की मेड़ों या चारों ओर चूने की लकीर डालने से भी स्लग का प्रवेश रोका जा सकता है।

रासायनिक नियंत्रण: स्लग अधिक होने पर अपनाएं ये उपाय

यदि स्लग का प्रकोप ज्यादा हो तो किसानों को अनुशंसित कीटनाशकों का छिड़काव करना चाहिए। सोयाबीन के लिए ये कीटनाशक प्रभावी माने जाते हैं:

  • क्विनाल्फोस 25% ई.सी. – 1 लीटर प्रति हेक्टेयर

  • मेलाथिओन 50% ई.सी. – 1500 मिली प्रति हेक्टेयर

  • इन्डोक्साकार्ब 15.8% ई.सी. – 333 मिली प्रति हेक्टेयर

इनकी समय पर और उचित मात्रा में स्प्रे करने से स्लग का प्रकोप तेजी से कम किया जा सकता है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

सोयाबीन की फसल में स्लग से बचने के लिए खेत की नियमित निगरानी करें।
समय पर जैविक और रासायनिक नियंत्रण उपाय अपनाकर फसल की सुरक्षा करें।
अनुशंसित मात्रा से अधिक कीटनाशक का प्रयोग न करें।

स्लग का प्रकोप अगर समय रहते नियंत्रित न किया जाए तो सोयाबीन की पैदावार को भारी नुकसान हो सकता है। किसान यदि ऊपर बताए गए जैविक और रासायनिक उपाय अपनाते हैं, तो इस समस्या से प्रभावी रूप से निपटा जा सकता है और फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है।

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