लाड़ली बहना योजना: लाड़ली बहनों के खाते में रक्षाबंधन से पहले 1500 रुपये आएंगे
मध्यप्रदेश की लाड़ली बहना योजना में 27वीं किश्त के साथ 250 रुपये अतिरिक्त 'शगुन'—7 अगस्त को सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर।

लाड़ली बहना योजना मध्यप्रदेश सरकार की एक जनकल्याणकारी पहल है जो गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देती है। इस बार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रक्षाबंधन को ध्यान में रखते हुए एक खास घोषणा की है। अब 27वीं किस्त के तहत महिलाओं को पहले दिए जाने वाले 1250 रुपये के स्थान पर 1500 रुपये दिए जाएंगे, जिसमें 250 रुपये अतिरिक्त ‘शगुन’ राशि के रूप में जोड़ी गई है। यह राशि 7 अगस्त 2025 को सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी ताकि वह त्योहार की तैयारियों में आराम से खर्च कर सकें।
तीन स्तर की बढ़ती सहायता: वित्तीय सशक्तिकरण का संदेश
लाड़ली बहना योजना की शुरुआत में महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये मिलते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 1250 रुपये किया गया। अब त्योहार के अवसर पर यह राशि 1500 रुपये कर दी गई है। यह केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कदम उन लाखों महिलाओं को अतिरिक्त सहारा देगा जो घरेलू खर्च, स्वास्थ्य, बच्चों की शिक्षा और पारिवारिक जरूरतों में इस राशि का इस्तेमाल करती हैं।
कौन हैं पात्र?
21 से 60 वर्ष के बीच की विवाहित महिलाएं
जिनके परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम हो
लाभ सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए उनके बैंक खाते में जाता है
नया रजिस्ट्रेशन फिलहाल बंद है, लेकिन सरकारी सूत्रों के अनुसार भविष्य में आवेदन प्रक्रिया फिर से शुरू किए जाने पर विचार हो सकता है।
इस बार क्या खास है?
रक्षाबंधन से पहले अतिरिक्त शगुन: 250 रुपये
कुल: 1500 रुपये (पूर्व में 1250)
दिनांक: 7 अगस्त 2025 को ट्रांसफर
उद्देश्य: त्योहार के समय महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और आत्मविश्वास देना
सीएम का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह सिर्फ वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान और अधिकारों को मजबूत करने की भावनात्मक पहल भी है। रक्षाबंधन जैसे पावन पर्व से पहले यह उपहार बहनों के चेहरे पर मुस्कान लाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक इस योजना के जरिए लाखों महिलाओं को जीवन में बदलाव देखने को मिला है।
लाड़ली बहना योजना के तहत 27वीं किस्त में वृद्धि और त्योहार से पहले अतिरिक्त शगुन राशि का निर्णय महिलाओं को सशक्त बनाने, उनकी आर्थिक स्थितियों में बेहतर बदलाव लाने और त्योहार को सुविधाजनक बनाने का एक मजबूत कदम है। रक्षाबंधन से पहले 1500 रुपये के आने से कई परिवारों में खुशी और राहत दोनों मिलेगी।