Kharif Crop Loss Compensation 2025: बारिश से हुए फसल नुकसान की होगी भरपाई, किसान ऐसे पाएं मुआवजा
हरियाणा में भारी बारिश और बाढ़ से फसलें खराब, किसानों को मिलेगा राहत मुआवजा

Kharif Crop Loss Compensation 2025: हर साल खरीफ सीजन में बारिश, ओलावृष्टि और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं किसानों की मेहनत पर पानी फेर देती हैं। इसी को देखते हुए राज्य सरकारें समय-समय पर फसल नुकसान की भरपाई (Fasal Nuksan Muawza) के लिए मुआवजा योजना लागू करती हैं। इस बार हरियाणा में हुई भारी बारिश और जलभराव ने हजारों किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। इस स्थिति में किसानों को राहत देने के लिए हरियाणा सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल (e-Kshatipurti Portal) शुरू किया है।
किसान इस पोर्टल पर अपनी फसल क्षति की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। यह पोर्टल 31 अगस्त 2025 तक खुला रहेगा।
किन जिलों के किसानों को मिलेगा मुआवजा?
(Haryana Kharif Fasal Nuksan Muawza 2025)
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा के 7 जिलों के 188 गांवों की खरीफ फसलें प्रभावित हुई हैं। इनमें –
हिसार – 85 गांव (सबसे ज्यादा प्रभावित)
भिवानी – 43 गांव
रोहतक – 21 गांव
पलवल – 17 गांव
चरखी दादरी – 13 गांव
रेवाड़ी – 7 गांव
सिरसा – 2 गांव
इन जिलों के किसान ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर लॉगिन करके अपनी फसल नुकसान की जानकारी अपलोड कर सकते हैं।
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किसानों को मुआवजा पाने की प्रक्रिया
फसल नुकसान की जानकारी देने के बाद सरकार द्वारा मुआवजे की राशि तय की जाएगी। इसके लिए –
किसान को पोर्टल पर खेत का विवरण, फसल का नाम और नुकसान का प्रतिशत दर्ज करना होगा।
किसान को भू-स्वामित्व प्रमाण, बैंक खाता संख्या और पहचान पत्र जैसी जानकारी देनी होगी।
दर्ज की गई जानकारी का सत्यापन जिला राजस्व अधिकारी करेंगे।
इसके बाद, सरकार द्वारा तय मानकों के अनुसार मुआवजा राशि सीधे बैंक खाते में जमा की जाएगी।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) से मिलेगा लाभ
फसल नुकसान की भरपाई के लिए किसानों के पास एक और विकल्प है – प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana)।
यदि किसान ने खरीफ फसल का बीमा कराया है तो वह बीमा कंपनी के माध्यम से दावा (Claim) कर सकता है।
नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी और स्थानीय कृषि अधिकारी को देनी होती है।
बीमा क्लेम के लिए किसान को बीमा पॉलिसी नंबर और आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने होंगे।
यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है।
सरकार की अपील: समय पर पंजीकरण करें
हरियाणा राजस्व विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी फसल नुकसान की जानकारी पोर्टल पर दर्ज कराएं। इससे सत्यापन और मुआवजा वितरण में देरी नहीं होगी और किसानों को समय पर राहत राशि मिल सकेगी।
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किसानों के लिए उपयोगी लिंक
ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल (हरियाणा सरकार): https://ekshatipurti.haryana.gov.in
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY): https://pmfby.gov.in
फसल नुकसान दर्ज करने की अंतिम तिथि: 31 अगस्त 2025
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