बजट 2026: भारतीय कृषि को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड बनाने की तैयारी, हाई-वैल्यू फसलों पर खास ध्यान
केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में उच्च कीमत वाली फसलों, निर्यात और किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई पहलें घोषित कीं

केंद्रीय बजट 2026-27 में भारतीय कृषि क्षेत्र को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार ने कई बड़ी घोषणाएँ की हैं। वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए इस बजट में हाई-वैल्यू फसलों, निर्यात को बढ़ावा देने और किसानों की आय को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।
सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि खेती केवल उत्पादकता तक सीमित न रहकर उच्च मांग और उच्च मूल्य वाली फसलों के माध्यम से किसानों की आमदनी बढ़ाई जाए। इसके तहत नारियल, काजू, कोको, चंदन और अन्य मूल्यवान कृषि उत्पादों के विकास के लिए योजनाएँ बनाई जा रही हैं।
हाई-वैल्यू फसलों पर फोकस
बजट में नारियल, काजू, कोको, चंदन, अखरोट, बादाम जैसे हाई-वैल्यू फसलों को समर्थन देने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। इन फसलों के लिए उत्पादन, प्रसंस्करण, और निर्यात पर अधिक संसाधन दिए जाने की बात कही गई है। इससे किसानों को बेहतर बाज़ार मूल्य मिलने में मदद होगी और भारत की कृषि आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी।
किसानों की आमदनी और निर्यात संभावनाएँ
सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। इसके तहत निर्यात-उन्मुख कृषि योजनाएँ, बाजार पहुंच और फसल गुणवत्ता में सुधार को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे किसानों को अंतरराष्ट्रीय मंडियों में उच्च दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी, जिससे उनकी आमदनी में सुधार आएगा।
कृषि का समग्र विकास
बजट में कृषि क्षेत्र को कुल मिलाकर ₹1.63 लाख करोड़ रुपये के आसपास का आवंटन दिया गया है, जो पिछले साल की तुलना में अधिक है। इससे खेती, सिंचाई, कृषि तकनीक और मूल्यवर्धन जैसे क्षेत्रों में और बेहतर निवेश संभव होगा।
कुल मिलाकर बजट 2026-27 ने भारतीय कृषि को उच्च मूल्य वाली फसलों, निर्यात और ग्लोबल मार्केट में पहचान देने पर खास ध्यान केंद्रित किया है, ताकि किसान न केवल उत्पादन बढ़ा सकें बल्कि अपने उत्पादों को दुनिया भर में बेहतर दाम पर बेच सकें।



