moong-msp-2025: खरीदी के आसान नियम, नमी और टूटे दानों पर पूरी जानकारी

मध्य प्रदेश में मूंग MSP खरीदी शुरू! जानें मंडी में मूंग बेचने से पहले टूटे दाने, नमी, सिकुड़न और कीट के मानक क्या हैं। 8 अगस्त 2025 तक MSP पर खरीदी का मौका।

moong-msp-2025: मध्य प्रदेश सरकार ने मूंग और उड़द की सरकारी खरीदी शुरू कर दी है ताकि किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सके। लेकिन बारिश और मौसम की वजह से मंडियों में कई बार उपज की क्वालिटी पर सवाल उठते हैं। इसे देखते हुए सरकार ने दाना टूटने, नमी, सिकुड़न और कीट आदि को लेकर साफ मानक तय कर दिए हैं ताकि किसानों को मंडी में अनावश्यक परेशानी न हो और उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ मिल सके।

टूटे दाने और नमी को लेकर तय किए गए मानक

खरीदी एजेंसियों और मंडी अधिकारियों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित एफएक्यू (FAQ) मानक लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। मूंग की खरीदी के लिए साफ़ नियम हैं कि उपज में विजातीय तत्व 2% से ज्यादा नहीं होने चाहिए। अन्य अनाज 3% तक मान्य हैं, जबकि क्षतिग्रस्त दाने 3% तक ही लिए जाएंगे। आंशिक क्षतिग्रस्त दाने 4% तक, सिकुड़े या टूटे हुए दाने 3% और कीट व्याधिग्रस्त दाने भी अधिकतम 4% मान्य रहेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मूंग में अधिकतम 12% नमी ही स्वीकार की जाएगी।

नमी ज्यादा होने पर किसान को नहीं होगी परेशानी

राज्य सरकार ने मंडी समितियों को निर्देश दिए हैं कि बारिश या रास्ते में भीग जाने के कारण अगर मूंग में नमी बढ़ जाती है तो किसानों को उपज वापस ले जाने के लिए मजबूर न करें। इसके बजाय मंडी में ही सुखाने की उचित व्यवस्था कराई जाए। किसानों को पहले से ही यह जानकारी दी जा रही है कि वे मूंग को सुखाकर, छानकर और मानक के अनुसार ही मंडी में बेचने के लिए लाएं।

कब तक चलेगी सरकारी खरीदी… moong-msp-2025

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के निर्देश दिए हैं। इस बार मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 8,768 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। सरकारी खरीदी 7 जुलाई से शुरू हो गई है और यह प्रक्रिया 8 अगस्त 2025 तक चलेगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे तय तारीख से पहले पंजीकरण करा लें और तय मानकों के अनुसार ही मूंग मंडी में बेचें, ताकि उन्हें सही भुगतान मिल सके।

मूंग MSP 2025 के लिए सरकार ने किसानों के हित में साफ-साफ मानक तय कर दिए हैं। अब किसानों को मंडी में अपनी उपज बेचने से पहले नमी, टूटे दाने और खराब दानों के नियम पता होना चाहिए ताकि MSP पर सही दाम मिल सके। सरकार की कोशिश है कि किसानों का शोषण न हो और उनकी मेहनत की पूरी कीमत उन्हें मिले। इसलिए किसान अपनी मूंग को अच्छे से सुखाकर, साफ कर, तय मानक के अनुसार ही मंडी लेकर जाएं और बिना किसी दिक्कत के सरकारी खरीदी का पूरा लाभ उठाएं।

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